1. मनोवैज्ञानिक आधार पर शिशुओं का मानसिक एवं सांस्कृतिक विकास करना, जिसमें वे सुशिक्षित सभ्य तथा उन्नतिशील समाज के अंग बन सकें ।
2. पाठ्येतर एवम् पाठ्य सहगामी क्रिया-कलापों के माध्यम से शिशु का सर्वांगीण विकास करना।
3. शिक्षा के माध्यम से जातीय एवं भाषा सम्बन्धी भेदभाव रहित राष्ट्रीयता की भावना से परिपूर्ण समाज के नागरिक बनाना ।
4. विद्यालय का संचालन उ०प्र० सरकार से मान्यता प्राप्त एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली को लागू करना। D.I.O.S. & BSA के दिशा निर्देशों के पालन के अनुसार होगा।
विद्यालय का भवन दो मंजिला है जिसका स्वामित्व महाराष्ट्र भवन सोसायटी है जिसमें एक विशालकाय भव्य प्रेक्षागृह तथा एक हाल, तेरह हवादार, प्रकाशयुक्त बड़े-बड़े कक्ष, एक कम्प्यूटर कक्ष (कम्प्यूटरों से सुसज्जित), एक पुस्तकालय तथा एक बड़ा खेल का मैदान, शुद्ध शीतल पेयजल की व्यवस्था, वर्षा जल संचयन, सोलर पैनल, जनरेटर की व्यवस्था, 650 छात्र/छात्राओं हेतु पर्याप्त फर्नीचर बालक/बालिकाओं हेतु अलग–अलग शौचालयों की व्यवस्था, एक विद्यालय के प्रमुख हेतु ऑफिस, शुल्क जमा करने हेतु कार्यालय, एकाउन्टेन्ट के कार्य हेतु एक कम्प्यूटर युक्त कार्यालय की व्यवस्था है।
1. विद्यालय में दो मासिक परीक्षाएँ जुलाई एवं जनवरी में सम्पन्न करायी जाती है।
2. अर्द्धवार्षिक परीक्षा अक्टूबर माह में तथा वार्षिक परीक्षा मार्च माह में सम्पन्न करायी जाती है।
3. कम्प्यूटर शिक्षा – आधुनिक परिवेश को देखते हुए अपने विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षा की समुचित व्यवस्था की गयी है और सभी कक्षाओं में अनिवार्य है।
4. आँग्ल शिक्षा – के पाठ्यक्रम के अनुसार अरूण कक्षा से ही आंग्लभाषा शिक्षण की व्यवस्था है।
5. केन्द्रीय विषय –
1. शारीरिक शिक्षा
2. नैतिक शिक्षा
3. योग शिक्षा
4. संगीत
5. संस्कृत
उपरोक्त विद्यालय की संशोधित नियमावली (S.O.P.) दिनांक 31.07.2025 को विद्यालय नियंत्रक समिति के समक्ष समीक्षा एवं अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की गयी। जो पूर्णयता स्वीकृत की गयी। यह तत्काल प्रभाव से इसको लागू करने का निर्णय लिया गया।